hidden chemistry of everyday cosmetics

आपकी वैनिटी (ड्रेसिंग टेबल) में क्या छुपा है? रोज़मर्रा के पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स की छिपी हुई केमिस्ट्री

कॉस्मेटिक्स के नुकसान

प्र1: यदि ये रसायन जोखिम भरे हैं, तो सरकारें इन पर पूरी तरह प्रतिबंध क्यों नहीं लगातीं?

उत्तर: पूरी दुनिया में इस संबंध में नियम अलग-अलग हैं। जहां यूरोपीय संघ (EU) और कनाडा ने सुरक्षा चिंताओं के कारण अपने पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स में कई आम थैलेट्स (जैसे DBP और DEHP) को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है, वहीं अन्य देशों के नियामक (जैसे यूएस एफडीए) वर्तमान में यह मानते हैं कि DEP जैसे कुछ यौगिकों पर प्रतिबंध लगाने के लिए अभी पर्याप्त मानवीय आंकड़े नहीं हैं, बशर्ते वे कम मात्रा में उपयोग किए जा रहे हों।

प्र2: यदि लेबल पर न लिखा हो, तो मैं कैसे जानूँ कि किसी प्रोडक्ट में थैलेट्स हैं या नहीं?

उत्तर: बोतल के पीछे सामग्री की सूची में “Fragrance”, “Parfum”, या “Flavor” शब्दों को देखें। व्यापार गोपनीयता (trade secret) के नियमों के कारण, कंपनियों को इन सामान्य शब्दों के तहत अपने केमिकल सेंट स्टेबलाइजर्स को छिपाने की अनुमति होती है। यदि बोतल पर स्पष्ट रूप से “Phthalate-Free” नहीं लिखा है, तो यह मान लेना सुरक्षित है कि खुशबू को लंबे समय तक टिकाए रखने के लिए उसमें इनका उपयोग किया गया है।

प्र3: क्या प्राकृतिक या ऑर्गेनिक कॉस्मेटिक्स भी पारंपरिक प्रोडक्ट्स जितने ही प्रभावी होते हैं?

उत्तर: हाँ, बिल्कुल! आधुनिक ग्रीन केमिस्ट्री (प्राकृतिक विज्ञान) में काफी प्रगति हुई है। पौधों से प्राप्त तेल (जैसे शुद्ध बादाम या नारियल का तेल) बेहतरीन मॉइस्चराइजेशन प्रदान करते हैं, जबकि प्राकृतिक अल्फा-हाइड्रॉक्सी एसिड (AHAs) भारी, हार्मोन बिगाड़ने वाले केमिकल फिक्सेटिव्स के बिना भी त्वचा के टेक्सचर और पसीने की दुर्गंध को बहुत खूबसूरती से नियंत्रित कर सकते हैं।

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