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Introduction
Deemed Conveyance in Maharashtra (महाराष्ट्र में मानित हस्तांतरण) उन सहकारी गृहनिर्माण संस्थाओं (CHS) के लिए अंतिम कानूनी उपाय है, जिन्हें डेवलपर या बिल्डर द्वारा उनकी जमीन और इमारत का मालिकाना हक देने से मना कर दिया गया है। मुंबई और पुणे जैसे शहरों में कई सोसायटियाँ वर्षों से चल रही हैं, बिना यह जाने कि वे वास्तव में उस जमीन के मालिक नहीं हैं जिस पर उनकी इमारत खड़ी है। यह मार्गदर्शिका आपको अपनी सोसाइटी का भविष्य सुरक्षित करने की पूरी प्रक्रिया समझाएगी।
1. कन्वेंस (Conveyance) क्या है?
कन्वेंस वह कानूनी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से जमीन और इमारत का मालिकाना हक (Title) मालिक (आमतौर पर बिल्डर या मूल जमींदार) से सहकारी गृहनिर्माण संस्था (Society) को स्थानांतरित किया जाता है।
सरल शब्दों में, जबकि व्यक्तिगत सदस्य बिक्री के समझौते (Agreement for Sale) के माध्यम से अपने फ्लैटों के मालिक होते हैं, सोसाइटी को जमीन और सामान्य क्षेत्रों (Common Areas) का मालिक होना चाहिए। यह हस्तांतरण एक कानूनी दस्तावेज के माध्यम से किया जाता है जिसे “कन्वेंस डीड” (Conveyance Deed) कहा जाता है। इस डीड के बिना, सरकारी रिकॉर्ड (Property Card/7-12 उतारा) में बिल्डर ही कानूनी मालिक बना रहता है।
2. यह क्यों आवश्यक है?
Deemed Conveyance in Maharashtra प्राप्त करना केवल एक औपचारिकता नहीं है; यह निम्नलिखित कारणों से अत्यंत आवश्यक है:
- कानूनी स्वामित्व: सोसाइटी का नाम 7/12 उतारा या प्रॉपर्टी कार्ड पर दर्ज हो जाता है।
- पुनर्विकास (Redevelopment) के अधिकार: यदि इमारत पुरानी हो जाती है, तो आप जमीन के मालिकाना हक के बिना पुनर्विकास के लिए नहीं जा सकते। कन्वेंस न होने पर बिल्डर अतिरिक्त FSI या TDR पर अपना दावा कर सकता है।
- ऋण की मंजूरी: जब सोसाइटी के पास स्पष्ट टाइटल होता है, तो सदस्यों के लिए होम लोन लेना या प्रॉपर्टी बेचना आसान हो जाता है।
- नगर निगम की अनुमति: बड़ी मरम्मत या संरचनात्मक परिवर्तनों के लिए, नगर निगम (जैसे BMC या PMC) चाहता है कि सोसाइटी ही कानूनी मालिक हो।
3. बिल्डर को सोसाइटी को कन्वेंस कब देना चाहिए?
महाराष्ट्र ओनरशिप फ्लैट्स एक्ट (MOFA), 1963 के तहत, बिल्डर कानूनी रूप से एक निश्चित समय सीमा के भीतर सोसाइटी को टाइटल ट्रांसफर करने के लिए बाध्य है:
- बिल्डर को फ्लैट खरीदारों की न्यूनतम संख्या पूरी होने की तारीख से 4 महीने के भीतर सोसाइटी बनानी होगी।
- सोसाइटी के पंजीकरण की तारीख से 4 महीने के भीतर बिल्डर को कन्वेंस डीड निष्पादित (Execute) करनी होगी।
यदि बिल्डर इस अवधि के भीतर ऐसा करने में विफल रहता है, तो यह MOFA अधिनियम का उल्लंघन है।
4. यदि बिल्डर कन्वेंस न दे तो क्या करें? रजिस्ट्रार के पास (Deemed Conveyance in Maharashtra) डीम्ड कन्वेंस के लिए आवेदन करें
यदि बिल्डर असहयोग कर रहा है, मिल नहीं रहा है, या डीड पर हस्ताक्षर करने के लिए अतिरिक्त पैसे मांग रहा है, तो सोसाइटी को घबराने की जरूरत नहीं है। आप जिला उप-रजिस्ट्रार (DDR) के पास “Deemed Conveyance in Maharashtra” के लिए आवेदन कर सकते हैं।
“Deemed” का अर्थ है “मान लिया गया”। यदि बिल्डर कन्वेंस प्रदान नहीं कर रहा है, तो रजिस्ट्रार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद, बिल्डर की ओर से कन्वेंस पर हस्ताक्षर करने का अधिकार है। यह एक अर्ध-न्यायिक प्रक्रिया है जो फ्लैट खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए बनाई गई है।
5. आवश्यक दस्तावेज
Deemed Conveyance in Maharashtra के लिए आवेदन करने हेतु सोसाइटी को एक व्यापक फाइल तैयार करनी होगी। मुख्य दस्तावेजों में शामिल हैं:
- आवेदन पत्र (फॉर्म 7): ₹2,000 के कोर्ट फीस स्टाम्प के साथ।
- सोसाइटी पंजीकरण प्रमाणपत्र: पंजीकृत उपनियमों (Bylaws) की प्रति।
- सदस्यों की सूची: निर्धारित प्रारूप में।
- इंडेक्स-II: प्रत्येक सदस्य के लिए (मालिकाना हक की कड़ी साबित करने के लिए)।
- विकास समझौता (Development Agreement): जमींदार और बिल्डर के बीच।
- बिक्री के लिए पंजीकृत समझौते की प्रति: (कम से कम एक नमूना या पहले सदस्य का समझौता)।
- बिल्डिंग प्लान की मंजूरी: प्रारंभ प्रमाणपत्र (CC) और अधिभोग प्रमाणपत्र (OC)।
- प्रॉपर्टी कार्ड / 7-12 उतारा: पिछले 6 महीनों के भीतर जारी किया गया।
6. आवेदन कैसे करें: 79A, 7/12 और रजिस्ट्रार की भूमिका
यह प्रक्रिया (Deemed Conveyance in Maharashtra एक संरचित कानूनी मार्ग का अनुसरण करती है:
- प्रस्ताव (Resolution): प्रबंध समिति को डीम्ड कन्वेंस के लिए आवेदन करने का प्रस्ताव पारित करना चाहिए।
- 79A निर्देश: महाराष्ट्र सहकारी समिति अधिनियम की धारा 79A के तहत, सरकार सोसाइटी प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के निर्देश जारी करती है, जिसमें कन्वेंस का आदेश भी शामिल है।
- DDR के पास फाइलिंग: आवेदन ऑनलाइन भरा जाता है और इसकी एक भौतिक प्रति जिला उप-रजिस्ट्रार (DDR) कार्यालय में जमा की जाती है।
- सार्वजनिक सूचना (Public Notice): DDR दो स्थानीय समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचना जारी करता है ताकि यह जांचा जा सके कि बिल्डर या मूल जमींदारों की कोई आपत्ति तो नहीं है।
- सुनवाई: DDR सुनवाई करता है। यदि बिल्डर उपस्थित नहीं होता है या देरी का कोई वैध कारण नहीं दे पाता है, तो DDR “डीम्ड कन्वेंस ऑर्डर” पारित कर देता है।
- पंजीकरण: आदेश प्राप्त होने के बाद, सोसाइटी को स्टाम्प शुल्क का भुगतान करना होगा और सब-रजिस्ट्रार के पास डीड पंजीकृत करनी होगी। अंत में, तहसीलदार या नगर सर्वेक्षण कार्यालय के माध्यम से 7/12 उतारा या पीआर कार्ड अपडेट किया जाता है।
7. निष्कर्ष
Deemed Conveyance in Maharashtra प्राप्त करना किसी भी हाउसिंग सोसाइटी के लिए सबसे महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह सोसाइटी को केवल “एक इमारत के प्रबंधक” से “जमीन के मालिक” में बदल देता है। हालांकि प्रक्रिया में कागजी कार्रवाई और कानूनी सुनवाई शामिल है, लेकिन इसके दीर्घकालिक लाभ—विशेष रूप से पुनर्विकास के दौरान—अमूल्य हैं। बिल्डर के कदम उठाने का इंतजार न करें; कानून ने सोसाइटी को वह अधिकार लेने की शक्ति दी है जो उसका है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हाउसिंग सोसायटियों के संबंध में कानून और सरकारी प्रस्ताव (GR) बदल सकते हैं। पाठकों को सलाह दी जाती है कि कानूनी आवेदन के साथ आगे बढ़ने से पहले किसी कानूनी विशेषज्ञ या पेशेवर सोसाइटी सलाहकार से परामर्श लें।
Ram Niwas Bansal
“Dedicated and highly qualified professional with a specialized focus on Cooperative Housing Society (CHS) Management and Legal Advocacy. Leveraging a strong technical background and an Indian Air Force veteran’s discipline, I provide end-to-end solutions for housing societies in Mumbai.
With a Government Diploma in Cooperation and Accountancy (GDCA) and a Diploma in Naturopathy, I bridge the gap between administrative excellence and holistic community well-being.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: डीम्ड कन्वेंस प्रक्रिया में कितना समय लगता है?
उत्तर: आमतौर पर, DDR कार्यालय में प्रक्रिया में 6 से 9 महीने लगते हैं, जो मामले की जटिलता और आपत्तियों पर निर्भर करता है।
प्रश्न 2: क्या हम OC (Occupation Certificate) के बिना डीम्ड कन्वेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, सोसायटियाँ OC के बिना भी डीम्ड कन्वेंस के लिए आवेदन कर सकती हैं, हालाँकि इसमें कुछ अतिरिक्त चरण और क्षतिपूर्ति शामिल होती है।
प्रश्न 3: क्या बिल्डर की उपस्थिति आवश्यक है?
उत्तर: नहीं। “डीम्ड” कन्वेंस का पूरा उद्देश्य ही यही है कि रजिस्ट्रार असहयोग करने वाले बिल्डर की ओर से हस्ताक्षर करता है।
प्रश्न 4: इसमें कितनी लागत शामिल है?
उत्तर: लागत में कानूनी शुल्क, समाचार पत्र नोटिस की लागत और स्टाम्प शुल्क (यदि लागू हो) शामिल हैं।
