Table of Contents
Introduction(शेयर सर्टिफिकेट जारी करने के नियम)
Share Certificate Issuance Rules: एक को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी (CHS) में केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि यह फ्लैट मालिक के कानूनी अधिकारों को प्रमाणित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। जब आप किसी हाउसिंग सोसाइटी में फ्लैट खरीदते हैं, तो पंजीकृत एग्रीमेंट (Registered Agreement) आपको उस भौतिक संपत्ति का मालिकाना हक देता है, लेकिन सोसाइटी के भीतर आपका कानूनी अस्तित्व और शेयर पूंजी (Share Capital) में आपकी हिस्सेदारी केवल ‘शेयर सर्टिफिकेट’ के माध्यम से ही साबित होती है।
महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव सोसाइटीज (MCS) अधिनियम, 1960 और हाउसिंग सोसाइटी के आदर्श उपनियमों (Model Bye-laws) के तहत शेयर सर्टिफिकेट जारी करने की एक स्पष्ट समय-सीमा और कानूनी प्रक्रिया तय की गई है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।
शेयर सर्टिफिकेट (Share Certificate) क्या है और यह क्यों जरूरी है?
Share Certificate Issuance Rules: शेयर सर्टिफिकेट इस बात का अचूक कानूनी सबूत है कि आप संबंधित को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के एक पंजीकृत और अधिकृत सदस्य (Registered Member) हैं।
- सोसाइटी में हिस्सेदारी: आमतौर पर, प्रत्येक सदस्य को सोसाइटी के नियमानुसार 5 शेयर (या बाय-लॉज के अनुसार तय संख्या) आवंटित किए जाते हैं।
- वोटिंग और अधिकार: जब तक आपका नाम शेयर सर्टिफिकेट पर दर्ज नहीं होता, तब तक आपको सोसाइटी की आम सभा (AGM/SGM) में वोट देने, चुनाव लड़ने या प्रबंध समिति का हिस्सा बनने का वैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं होता।
- लोन और रीडेवलपमेंट: भविष्य में फ्लैट पर होम लोन (Home Loan) लेने या बिल्डिंग के रीडेवलपमेंट (Redevelopment) के समय बैंक और डेवलपर्स सबसे पहले मूल शेयर सर्टिफिकेट की मांग करते हैं।
शेयर सर्टिफिकेट जारी करने की समय-सीमा (Statutory Timeline)
Share Certificate Issuance Rules: सहकारी कानूनों के तहत, प्रबंध समिति (Managing Committee) अपनी मर्जी से इस दस्तावेज को लटका नहीं सकती। इसके लिए सख्त समय-सीमा निर्धारित है:
- नई सोसाइटी के गठन पर: सोसाइटी के आधिकारिक पंजीकरण (Registration) की तारीख से 6 महीने के भीतर सभी मूल सदस्यों को शेयर सर्टिफिकेट जारी कर दिए जाने चाहिए।
- नया फ्लैट खरीदने या रीसेल (Resale) के मामले में: जब कोई नया खरीदार आवश्यक ट्रांसफर फॉर्म, पंजीकृत एग्रीमेंट और ट्रांसफर फीस जमा करता है, तो सोसाइटी द्वारा उसकी सदस्यता मंजूर होने की तारीख से 3 महीने (90 दिन) के भीतर शेयर सर्टिफिकेट के पीछे उनका नाम दर्ज (Endorse) करके उन्हें सौंप देना अनिवार्य है।

शेयर सर्टिफिकेट जारी करने की चरणबद्ध प्रक्रिया
Share Certificate Issuance Rules: हाउसिंग सोसाइटी की प्रबंध समिति को शेयर सर्टिफिकेट तैयार करते और वितरित करते समय निम्नलिखित कानूनी चरणों का पालन करना होता है:
1. ‘आई’ और ‘जे’ रजिस्टर में प्रविष्टि (Register Entry)
Share Certificate Issuance Rules: शेयर सर्टिफिकेट जारी करने से पहले, सदस्य का नाम सोसाइटी के ‘आई’ रजिस्टर (Register of Members) और ‘जे’ रजिस्टर (List of Members) में पूरी शुद्धता के साथ दर्ज किया जाना चाहिए। जो फोलियो नंबर (Folio Number) रजिस्टर में होगा, वही सर्टिफिकेट पर भी अंकित होना चाहिए।
2. आवश्यक हस्ताक्षर और सोसाइटी की सील
Share Certificate Issuance Rules: एक वैध शेयर सर्टिफिकेट पर निम्नलिखित तीन प्राधिकारियों के हस्ताक्षर होने अनिवार्य हैं:
- अध्यक्ष (Chairman) के हस्ताक्षर
- सचिव (Secretary) के हस्ताक्षर
- प्रबंध समिति के एक अन्य सदस्य (Committee Member) के हस्ताक्षर
- इसके साथ ही सर्टिफिकेट पर सोसाइटी की आधिकारिक गोल मोहर (Common Seal) लगी होनी चाहिए।
3. प्राप्ति रसीद (Acknowledgement)
Share Certificate Issuance Rules: जब सदस्य को शेयर सर्टिफिकेट सौंपा जाता है, तो सोसाइटी को सदस्य के हस्ताक्षर के साथ एक प्राप्ति रसीद (Acknowledgement Receipt) लेनी होती है, जिसे सोसाइटी के रिकॉर्ड में सुरक्षित रखा जाता है।
यदि मूल शेयर सर्टिफिकेट खो जाए तो क्या करें? (Duplicate Share Certificate)
यदि किसी कारणवश मूल शेयर सर्टिफिकेट खो जाता है, चोरी हो जाता है या फट जाता है, तो उपनियमों के तहत डुप्लीकेट शेयर सर्टिफिकेट जारी करने का प्रावधान है:
- एफआईआर (FIR): सदस्य को सबसे पहले स्थानीय पुलिस स्टेशन में सर्टिफिकेट खोने की शिकायत दर्ज करानी होगी।
- क्षतिपूर्ति बांड (Indemnity Bond): सदस्य को सोसाइटी के नाम पर एक कानूनी क्षतिपूर्ति बांड देना होगा, जिसमें यह वचन दिया जाता है कि मूल सर्टिफिकेट का दुरुपयोग होने पर जिम्मेदारी सदस्य की होगी।
- समाचार पत्र में विज्ञापन: सोसाइटी सदस्य के खर्चे पर कम से कम दो स्थानीय समाचार पत्रों (एक अंग्रेजी और एक क्षेत्रीय भाषा) में सार्वजनिक नोटिस जारी करती है, ताकि 15 दिनों के भीतर यदि किसी को कोई आपत्ति हो, तो वे दर्ज करा सकें।
- मंजूरी: कोई आपत्ति न मिलने पर, प्रबंध समिति अपनी बैठक में प्रस्ताव पारित कर ‘डुप्लीकेट’ शब्द की स्पष्ट मोहर के साथ नया सर्टिफिकेट जारी करती है।
निष्कर्ष
Share Certificate Issuance Rules: हाउसिंग सोसायटियों के सुचारू संचालन और सदस्यों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए ‘शेयर सर्टिफिकेट जारी करने के नियम’ का पालन करना बेहद जरूरी है। प्रबंध समिति की यह कानूनी जिम्मेदारी है कि वे समय-सीमा के भीतर त्रुटिहीन सर्टिफिकेट जारी करें, ताकि सदस्यों को भविष्य में किसी भी प्रकार की वित्तीय या कानूनी असुविधा का सामना न करना पड़े।
Ram Niwas Bansal
“Dedicated and highly qualified professional with a specialized focus on Cooperative Housing Society (CHS) Management and Legal Advocacy. Leveraging a strong technical background and an Indian Air Force veteran’s discipline, I provide end-to-end solutions for housing societies in Mumbai.
With a Government Diploma in Cooperation and Accountancy (GDCA) and a Diploma in Naturopathy, I bridge the gap between administrative excellence and holistic community well-being.
Disclaimer (अस्वीकरण)
Share Certificate Issuance Rules: इस लेख में साझा की गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटियों से जुड़े नियम, स्टांप ड्यूटी नीतियां और मॉडल उपनियम (Model Bye-laws) अलग-अलग राज्यों (जैसे महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक आदि) और समय के साथ बदल सकते हैं। यह लेख किसी भी प्रकार की आधिकारिक कानूनी, वित्तीय या व्यावसायिक सलाह का विकल्प नहीं है। अपनी सोसाइटी में शेयर सर्टिफिकेट जारी करने, ट्रांसफर करने या डुप्लीकेट सर्टिफिकेट के आवेदन से पहले, कृपया अपनी सोसाइटी के अधिकृत उपनियमों की जांच करें या किसी योग्य सहकारी कानून विशेषज्ञ (Co-operative Advisor) या संबंधित निबंधक (Registrar) कार्यालय से परामर्श लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: क्या हाउसिंग सोसाइटी शेयर सर्टिफिकेट जारी करने के लिए सदस्यों से अतिरिक्त शुल्क या डोनेशन मांग सकती है?
उत्तर: नहीं। मूल शेयर सर्टिफिकेट जारी करना सोसाइटी की एक वैधानिक (Statutory) जिम्मेदारी है। इसके लिए सोसाइटी सदस्यों से कोई अतिरिक्त शुल्क, गुप्त चार्ज या डोनेशन नहीं मांग सकती। हालांकि, रीसेल के मामलों में नियमों के तहत तय ट्रांसफर फीस (अधिकतम ₹25,000) और मामूली प्रवेश शुल्क लिया जा सकता है।
Q2: यदि शेयर सर्टिफिकेट पर अध्यक्ष या सचिव में से किसी एक के हस्ताक्षर छूट जाएं, तो क्या वह वैध माना जाएगा?
उत्तर: नहीं। सहकारी उपनियमों के अनुसार, शेयर सर्टिफिकेट पर अध्यक्ष, सचिव और एक समिति सदस्य—इन तीनों के हस्ताक्षर और सोसाइटी की कॉमन सील होना अनिवार्य है। यदि इनमें से एक भी हस्ताक्षर गायब है, तो वह सर्टिफिकेट कानूनी रूप से अधूरा और अमान्य माना जाएगा।
Q3: अगर प्रबंध समिति तय समय-सीमा (3 से 6 महीने) के भीतर शेयर सर्टिफिकेट जारी नहीं करती है, तो सदस्य को क्या करना चाहिए?
उत्तर: यदि प्रबंध समिति बार-बार अनुरोध करने के बाद भी समय पर शेयर सर्टिफिकेट जारी नहीं करती है, तो सदस्य इसकी लिखित शिकायत संबंधित क्षेत्र के डिप्टी रजिस्ट्रार (Deputy Registrar of Co-operative Societies) के पास दर्ज करा सकते हैं। रजिस्ट्रार इस मामले में सोसाइटी को कारण बताओ नोटिस जारी कर सकते हैं और सीधे सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश दे सकते हैं।
Q4: क्या होम लोन (Home Loan) के दौरान मूल शेयर सर्टिफिकेट बैंक के पास जमा करना जरूरी होता है?
उत्तर: हाँ। जब आप किसी फ्लैट पर होम लोन या मॉर्टगेज लोन लेते हैं, तो बैंक वित्तीय सुरक्षा के रूप में फ्लैट के मूल पंजीकृत एग्रीमेंट के साथ-साथ मूल शेयर सर्टिफिकेट को भी अपने पास ‘इक्विटेबल मॉर्टगेज’ (Equitable Mortgage) के तौर पर जमा रखता है। लोन पूरी तरह चुकता होने के बाद ही बैंक इसे वापस लौटाता है।
