ULC Flat Mumbai

ULC Flat Mumbai: अर्थ, उद्देश्य, खरीदार की पात्रता और सोसाइटी ट्रांसफर के नियम

Q1: जब यूएलसी एक्ट (ULC Act) साल 2007 में ही निरस्त (Repeal) हो गया था, तो आज भी मुंबई में यूएलसी फ्लैट के नियम क्यों लागू हैं?

उत्तर: यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु है। भले ही महाराष्ट्र सरकार ने 2007 में इस कानून को निरस्त कर दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार, जिन जमींदारों ने अधिनियम की धारा 20 (Section 20) के तहत किफायती घर बनाने की शर्त पर सरकार से ‘छूट’ (Exemption) ली थी, वे अपनी उन शर्तों और प्रतिबद्धताओं से मुक्त नहीं हुए हैं। इसलिए, उन जमीनों पर बने फ्लैटों को ट्रांसफर करने या नियमित (Regularise) करने के लिए आज भी सरकारी अनुमति और प्रीमियम शुल्क अनिवार्य है।

Q2: यदि कोई हाउसिंग सोसाइटी बिना कलेक्टर कार्यालय की अनुमति के यूएलसी फ्लैट ट्रांसफर कर देती है, तो क्या होगा?

उत्तर: यदि कोई को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी (CHS) कलेक्टर कार्यालय की क्लीयरेंस और आवश्यक ट्रांसफर प्रीमियम चुकाए बिना सदस्य का नाम ट्रांसफर कर देती है, तो इसे एक गंभीर कानूनी उल्लंघन माना जाता है। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार सोसाइटी पर भारी जुर्माना लगा सकती है। इसके अलावा, भविष्य में जब बिल्डिंग रीडेवलपमेंट (Redevelopment) के लिए जाएगी, तब कलेक्टर कार्यालय से एनओसी (NOC) या डीम्ड कन्वेंशन (Deemed Conveyance) मिलना पूरी तरह से रुक जाएगा।

Q3: यूएलसी फ्लैट को सामान्य ओपन-मार्केट प्रॉपर्टी में बदलने के लिए नियमितीकरण शुल्क (Regularisation/Transfer Premium) कितना होता है?

उत्तर: यह शुल्क पूरी तरह से राज्य सरकार और कलेक्टर कार्यालय द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले सर्कुलर और रेडी रेकनर (Ready Reckoner) दरों पर निर्भर करता है। आमतौर पर, यह फ्लैट के कुल कारपेट एरिया और उस क्षेत्र के मौजूदा सरकारी रेडी रेकनर मूल्य के एक निश्चित प्रतिशत के रूप में तय किया जाता है। सटीक और मौजूदा शुल्क की गणना के लिए आपको अपने स्थानीय कलेक्टर कार्यालय के यूएलसी सेल से ही संपर्क करना चाहिए।

Q4: क्या यूएलसी फ्लैट पर बैंक लोन (Home Loan) मिल सकता है?

उत्तर: हाँ, यूएलसी फ्लैट पर बैंक से होम लोन मिल सकता है, लेकिन इसके लिए बैंक बेहद सख्त कानूनी जांच (Legal Scrutiny) करते हैं। बैंक लोन तभी मंजूर करेंगे जब आपके पास जिला कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी की गई मूल यूएलसी एनओसी (NOC), नियमितीकरण रसीद (Regularisation Receipt) और पूरी तरह से स्पष्ट टाइटल (Clear Title Deed) के दस्तावेज मौजूद होंगे।

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